ग़ाज़ा में क़रीब दो महीने पहले युद्धविराम लागू होने के बाद से खाद्य सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है, और अकाल जैसी परिस्थितियाँ वहाँ फ़िलहाल नहीं हैं. मगर, 75 प्रतिशत से अधिक आबादी के लिए स्थिति गम्भीर बनी हुई है और उन्हें भरपेट भोजन नहीं मिल रहा है और कुपोषण से भी जूझना पड़ रहा है. खाद्य सुरक्षा पर यूएन-समर्थित एक विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है.