(खबरें अब आसान भाषा में)
इंश्योरेंस कंपनियां ग्राहक को पॉलिसी बेचने में जितनी दिलचस्पी दिखाती है, उतनी क्लेम के एप्रूवल में नहीं दिखातीं। कई बार क्लेम में बेवजह की देर होती है। कई बार बीमा कंपनियां क्लेम रिजेक्ट कर देती है। ज्यादातर वे इसके लिए तथ्यों को छुपाने जैसी वजहें बताती हैं