Himachal Toilet Tax: हिमाचल प्रदेश में टॉयलेट टैक्स को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने शुक्रवार को राज्य सरकार के नए ‘टॉयलेट टैक्स’ को वापस लेने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए ये भी कहा कि आखिर इस शब्द को किसने गढ़ा। दरअसल, भाजपा की ओर से ये दावा किया गया कि सुक्खू सरकार अब प्रदेश में टॉयलेट टैक्स भी लगाएगी। बीजेपी ने कहा कि ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
वहीं इस विवाद पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई टैक्स नहीं लगाया है, इसलिए इसे वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं है। टॉयलेट टैक्स को लेकर सीएम सुक्खू ने कहा, “सवाल ये है कि टॉयलेट टैक्स लागू किया गया है या नहीं। हमने टॉयलेट टैक्स लागू नहीं किया है। हिमाचल प्रदेश में कोई टॉयलेट टैक्स नहीं है। हमने रिफॉर्म्स किया। उस रिफॉर्म में बीजेपी की जब सरकार थी, उस समय जो नोटिफिकेशन थी, उस उन्होंने प्रिंट किया होगा। लेकिन जिस नोटिफिकेशन का आप हवाला दे रहे हैं, वो हमने पूछा कैबिनेट ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है।”
CM सुक्खू ने कहा कि हमने जो पानी का बिल था, जिसे बीजेपी ने जिसे चुनाव के दौरान खत्म कर दिया था, हमने उसे लेकर कहा है कि जो भी पानी का इस्तेमाल करता है, 5 स्टार होटल वगैरह… उन्हें हम बिल देंगे। जो गरीब जरूरतमंद हैं, उनसे हम कोई बिल नहीं लेंगे। उनसे सिर्फ मीटर चार्ज 100 रुपए लेंगे।
बीजेपी पर भड़के सीएम सुक्खू
बीजेपी पर भड़कते हुए उन्होंने कहा कि अफवाह वाले फैक्ट्स को चुनाव से पहले इस तरह से फैलाना गलत है। वहीं जब सीएम सुक्खू से पानी को लेकर लिए जा रहे चार्ज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये कैटेगरी के हिसाब से किया गया है। कमर्शियल कैटेगरी के लोगों के लिए क्या चार्ज है, डोमेस्टिक को इतना, नॉनकमर्शियल को इतना और इंडस्ट्री को पानी की कीमत का भुगतान करना है।
टॉयलेट टैक्स कहां से आया?
हिमाचल सीएम ने कहा कि बीजेपी ने टॉयलेट टैक्स शब्द का इस्तेमाल किया है। पूरे नोटिफिकेशन में कहीं भी इस शब्द का जिक्र नहीं है। हर राज्यों में सीवरेज वॉटर टैक्स लगता है।
भाजपा का हिमाचल सरकार पर शौचालय कर का आरोप
आज बिलासपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सुखू सरकार की बुद्धि और विवेक भ्रष्ट हो गया है, क्योंकि शौचालयों पर कर लगा दिया गया है और ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
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