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एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब आप विरासत में मिली गोल्ड ज्वेलरी को बेचते हैं तो टैक्स का मामला फंसता है। इसकी वजह यह है कि गोल्ड को बेचने पर हुआ कैपिटल गेंस टैक्स के दायरे में आता है। ऐसे में कैपिटल गेंस के कैलकुलेशन के लिए गोल्ड ज्वेलरी की कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन की जानकारी का होना जरूरी है