Sheikh Hasina Bangladesh: हसीना के बाद ‘नए बांग्लादेश’ में, वही ताकतें, जैसे जमात, जिन्हें मुक्ति संग्राम में उखाड़ फेंकने की कोशिश की गई थी, सत्ता में आ गई हैं। ये ताकतें उस नरसंहार अभियान के पीछे थीं, जिसके कारण बांग्लादेश को एक अलग देश के रूप में स्थापित करने वाला आंदोलन शुरू हुआ। अब इनके उदय के साथ, 1971 में उभरे बांग्लादेश की नींव भी खतरे में है