प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने भले ही अंग्रेजों से आज़ादी हासिल कर ली हो, लेकिन भारतीयों के मन में जो हीन भावना भर दी गई थी, उससे आज भी पूरी तरह आज़ादी नहीं मिली है। उन्होंने कहा, “हमारे मन में यह सोच बिठा दी गई कि विदेश से आने वाली हर चीज अच्छी है, और अपनी चीजों में खामियां हैं। इसी गुलामी वाली मानसिकता के कारण हमने लोकतंत्र भी बाहर से लिया