हम अब भी गांवों में अपने बुजुर्गों को बदले जमाने पर अफसोस व्यक्त करते हुए एक वाक्य सुन ही लेते हैं कि “किसको पता था कि एक दिन पानी छान (फ़िल्टर) कर पीना पड़ेगा।” उनकी बात अपनी जगह सही है लेकिन वक्त की शायद यही जरूरत है। बहुत सारे कारण हैं जिनकी वजह से अब …