इसमें होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालक,फूल-माला, पूजा सामग्री, ऑटो-टैक्सी, टूर एवं ट्रैवल सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की मांग में बढ़ी है, जिससे उनकी आय दोगुनी से ज्यादा हो गई। घाट पर मालाफूल बेचने वाले दिनेश ने बताया की जब से काशी विश्वनाथ कोरिडोर बना है तब से यहां पर्यटक और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। इससे उनकी आय भी दोगुने से ज्यादा हो गया है। साल 2021 से पहले वो हर दिन 400 से 500 रुपये कमा पाते थे लेकिन अब वो आसानी से हर दिन 1200 से 1400 रूपये तक कमा रहें है।