(खबरें अब आसान भाषा में)
पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया नपी-तुली रही। राजनीतिक दल अपराधियों और उनके आकाओं के खिलाफ सरका की ओर से की गई किसी भी कार्रवाई में बिना शर्त समर्थन देने की बात तो कह रहे हैं, लेकिन साथ ही वे इंटेलिजेंस फेल्योर और सुरक्षा चूक पर भी सवाल उठा रहे हैं।