(खबरें अब आसान भाषा में)
बांग्लादेश में कॉक्सेस बाज़ार के शरणार्थी शिविरों में जीवन आसान नहीं है. वर्षों से विस्थापन, संसाधनों की कमी और अनिश्चितता के बीच रह रही रोहिंग्या महिलाएँ और लड़कियाँ अपने दैनिक जीवन में नई चुनौतियों का सामना करती हैं. फिर भी इन कठिन हालात में उन्होंने उम्मीद का एक अनोखा रास्ता खोज लिया है: कला.