पूर्व रक्षा सचिव जी मोहन कुमार ने कहा कि ड्रोन और स्वॉर्म ड्रोन सिस्टम अब वैकल्पिक नहीं रह गए हैं बल्कि वे अब एक अग्रणी आवश्यकता बन गए हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने ड्रोन के निर्माण में प्रगति की है, लेकिन अभी भी अधिकांश रूप से मुख्य तकनीक का आयात किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि विदेश से पुर्जे लाकर ड्रोन बनाना हमेशा संभव है, लेकिन असली मुद्दा यह है कि हम कितनी तकनीक स्वदेशी रूप से विकसित कर रहे हैं