(खबरें अब आसान भाषा में)
इस पर ट्रांजैक्शन एडवाइजर की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया को वित्त वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने की कोशिश है। इस प्रक्रिया के तहत पहली बार बड़े और छोटे एयरपोर्ट्स को बंडल करके निजी प्लेयर्स को ऑफर किया जाएगा