एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बैंक होम लोन देते समय कई बातों पर ध्यान देते हैं, जिसमें एप्लीकेंट की महीने की सैलरी, मौजूदा कर्ज़, क्रेडिट प्रोफ़ाइल और EMI चुकाने की क्षमता शामिल है। लोन एलिजिबिलिटी आम तौर पर महीने की इनकम के आधार पर तय की जाती है। अगर किसी व्यक्ति की सैलरी ₹1 लाख प्रति माह है, तो उसे ₹50 लाख तक का होम लोन मिल सकता है। लोन की रकम बैंक की शर्तों और एप्लीकेंट की फाइनेंशियल हालत के आधार पर अलग हो सकती है। डाउन पेमेंट के अलावा, घर खरीदने के लिए रजिस्ट्रेशन, स्टाम्प ड्यूटी और दूसरे खर्चों के लिए भी पैसे अलग रखने चाहिए।