शुक्र है शुक्रवार है। एक बेहद ही थकाने वाले हफ्ते का अंत है। कल आखिरी घंटे में बाजार में शानदार रैली हुई। कल सुबह हमारी बात हुई थी कि शायद रैली आ जाए। लेकिन ये नहीं सोचा था कि इतनी नीचे से और इतनी जोर से आएगी। जो भी है, ये बाजार अभी आपको कमाने नहीं दे रहा है। बेसिक टेक्सचर बिकवाली का है, लेकिन बीच-बीच में बड़ी रैली आ रही है