भारत के साउथर्न टिप पर बसा एक रहस्यमयी और वीरान जगह है, जिसे आज “भूतों का गांव” कहा जाता है। 22 दिसंबर 1964 को आए भयंकर साइक्लोन ने इस धनुषकोडी शहर को तबाह कर दिया, जिसमें करीब 1,800 लोगों की जान चली गई थी। इस डिजास्टर के बाद गवर्नमेंट ने धनुषकोडी को रहने के लायक नहीं है कह दिया और ज्यादातर लोग इस जगह को छोड़कर चले गए। आज भी यहां के खंडहर, सुनसान सड़कें और उजड़ी इमारतें उस दर्दनाक त्रासदी की कहानी बयां करती हैं।