कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आने वाले समय में समाज और अर्थव्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव लाने की क्षमता रखती है, लेकिन इसके साथ रोज़गार अवसरों में गिरावट आने और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं के और अधिक गहराने का जोखिम भी जुड़ा हुआ है. इसके मद्देनज़र, संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि परिवर्तन की इस प्रक्रिया को किस तरह से ज़िम्मेदार ढंग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि एआई के लाभ उसके जोखिमों पर भारी पड़ें.