कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की मदद से डॉक्टर्स को बीमारी का पता लगाने, मरीज़ों के साथ बातचीत करने, और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को सहेज कर रखने में मदद मिल रही है. लेकिन यदि टैक्नॉलॉजी से ही कोई ग़लती हो जाए, या उसके आधार पर कुछ ऐसा ग़लत निर्णय ले लिया जाए जिससे मरीज़ों को नुक़सान हो, तो फिर ये किसकी ज़िम्मेदारी होगी?