प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान यह भरोसा दिलाया कि भारत मध्य पूर्व में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति की कोशिशों का समर्थन करता है। इसमें गाज़ा शांति योजना को जल्द लागू करने का समर्थन भी शामिल है। उन्होंने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इसके हर रूप के प्रति अपने ज़ीरो-टॉलरेंस रुख को दोहराया। दोनों नेताओं ने आगे भी संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई