Arvind Kejriwal News: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने रविवार को बड़ा फैसला किया। जमानत पर जेल से बाहर आने के दो दिन बाद ही उन्होंने ऐलान कर दिया कि वो दो दिन बाद मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे। उनके इस बयान के बाद देश की राजधानी में सियासी हलचल तेज हो गई। आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं, वहीं बीजेपी उनपर हमलावर है। इन सब के बीच बड़ा सवाल ये उठता है अगर अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा देना ही था तो ये फैसला उन्होंने जेल में रहते हुए क्यों नहीं किया?
अरविंद केजरीवाल ने खुद ही इस सवाल का जवाब दे दिया है। उन्होंने रविवार, 15 सितंबर को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि दो दिन बाद मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दूंगा। जब तक जनता फैसला नहीं सुना देती, मैं उस कुर्सी पर नहीं बैठने वाला। इसके साथ ही केजरीवाल ने इस बात का भी खुलासा कर दिया कि तमाम दबाव के बावजूद उन्होंने जेल में रहकर ये फैसला क्यों नहीं लिया था।
केजरीवाल ने जेल से क्यों नहीं दिया इस्तीफा?
अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी मुख्यालय में अपने संबोधन के दौरान कहा कि ये लोग पूछते हैं कि अरविंद केजरीवाल ने जेल से क्यों नहीं इस्तीफे का ऐलान किया? मैंने इस्तीफा इसलिए नहीं दिया क्योंकि मैं देश के जनतंत्र को बचाना चाहता था। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब इन लोगों ने नया फॉर्मूला बनाया है। जहां-जहां दूसरी पार्टी के सीएम हैं उनपर फर्जी के आरोप लगाकर उन्हें जेल भेजो।
जेल से सरकार चलाना मगर इस्तीफा मत देना: अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने खुद तो सीएम पद की कुर्सी से दो दिन बाद इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने हाथ जोड़कर जहां-जहां बीजेपी की सरकार नहीं है, वहां के मुख्यमंत्री से विनती की है। केजरीवाल ने कहा कि मैं आप सबसे हाथ जोड़कर ये विनती करना चाहता हूं कि अगर ये आप पर फर्जी केस डालकर जेल भेजें और इस्तीफे की मांग करें तो इस्तीफा मत देना और कहना कि जेल से भी सरकार चलायी जा सकती है।
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