(खबरें अब आसान भाषा में)
Railway New Rule: भारतीय रेलवे ने टिकट अपग्रेड की फैसिलिटी साल 2006 में शुरू की थी। इसके तहत, यदि किसी यात्री का स्लीपर क्लास का टिकट कंफर्म नहीं होता और चार्ट बनने के बाद सीटें खाली रह जाती हैं, तो टिकट अपने आप थर्ड AC में अपग्रेड हो जाता था