दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद यह फैसला लिया गया है। पिछले साल अक्टूबर से चल रहे वैरिफिकेशन कैंपेन के दौरान पाया गया कि बड़ी संख्या में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक, खास तौर पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या, आधार, पैन और राशन कार्ड का इस्तेमाल करके भारतीय नागरिकता का झूठा दावा कर रहे थे