अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति निरन्तर बिगड़ रही है और सत्तारूढ़ तालेबान के फ़रमानों और क़ानूनों का देश की जनता पर भयावह असर हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने जिनीवा में मानवाधिकार परिषद के सत्र में अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए चिन्ता जताई है कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की उपस्थिति को मानो अपराध क़रार दिया गया है.