(खबरें अब आसान भाषा में)
इस घटना को सुनकर तालिबान भी हैरान रह गया और उसने इस बच्ची को उसके अधेड़ उम्र के पति के घर ले जाने से रोक दिया है। लेकिन उन्होंने भी उसके साथ कोई न्याय नहीं किया और तालिबान के स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि बच्ची को पति के घर तब तक नहीं भेजा जाएगा, जब तक वह नौ साल की नहीं हो जाती