तालिबान शासन को अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों को प्रतिबंधित करने के लिए विभिन्न देशों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं की ओर से भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। कहा जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को न बुलाने का फैसला मुत्तकी के साथ आए तालिबान अधिकारियों की ओर से लिया गया