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जस्टिस अरुण मोंगा की बेंच ने कहा कि यह झगड़ा निजी था और एक-दूसरे पर केस करने से कोई फायदा नहीं, बल्कि यह कानून का गलत इस्तेमाल है। कोर्ट ने अपने 19 सितंबर के आदेश में कहा, “अगर केस खत्म नहीं किया गया, तो दुश्मनी और बढ़ेगी, लेकिन केस खत्म करने से आपसी दोस्ती और मेलजोल बढ़ेगा