अमीषा वोरा ने कहा कि भारत की सेंट्रल गवर्नमेंट का बैलेंसशीट हो या फिर बैंकों और दूसरे सेक्टरों के कपनियों की बैलेंस शीट हो ये सभी काफी मजबूत हैं। लेकिन अर्निंग्स, मैक्रो इकोनॉमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के चलते बाजार में काफी करेक्शन आ चुका है। ऐसे में अगले 2-3 महीनों में निवेशकों के लिए निवेश का सुनहरा मौका होगा