यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने पाकिस्तान के राजनीतिक नेताओं पर पर्याप्त समर्पण न दिखाने और पाकिस्तानी सेना की तैयारियों पर शक करने का आरोप लगाया। कुछ ऑनलाइन पोस्टों में तंजभरे लहजे से कहा गया कि यहां तक कि खुद पाकिस्तानी राजनेताओं को भी अपने देश की आत्मरक्षा करने की क्षमता पर भरोसा नहीं है