(खबरें अब आसान भाषा में)
भारतीय बाजारों में अक्टूबर में विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की भारी बिकवाली देखी गई। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और उसके नतीजे अमेरिकी बाजारों के बाहर भी FPI गतिविधि को भी प्रभावित कर रहे हैं। भारतीय कंपनियों के Q2 परिणामों ने बाजारों पर और दबाव डाला