बाबा साहब अंबेडकर को लेकर देश की सियासी गलियारों में हंगामा जारी है। सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के खिलाफ विपक्ष लगातार हंगामे कर रहा है। इन सबके बीच समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव का बयान सामने आया है। सपा सांसद ने भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए कहा कि संसद के अंदर भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने संसद परिसर में बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर हाथ में लेकर प्रदर्शन करते हुए कहा, “संसद के अंदर भीमराव अम्बेडकर पर की गई टिप्पणी पर बीजेपी को माफी मांगनी चाहिए। हम भूतकाल की बात ना करके वर्तमान की बात करें। सत्ता पक्ष की तरफ से की गई टिप्पणी की निंदा करते हैं। बीजेपी बाबा साहब अम्बेडकर के सिद्धांतों के खिलाफ है। बीजेपी कभी नहीं चाहेगी लोकतंत्र और संविधान से देश चले।”

सपा सांसद ने आगे कहा कि अगर भाजपा की नीयत और नीति साफ होती तो आरक्षण पूरे देश में लागू हो पाता। जिस तरह से निजीकरण हो रहा है, इनकी नीयत और नीति साफ है, तो ये प्राइवटाइजेशन में भी आरक्षण दें। तभी हम मानेंगे कि बाबा साहब के संविधान को ये लोग जीवित रखना चाहते हैं। कहीं ना कहीं ये चाहते हैं कि बाबा साहब का संविधान पीछे चले और इनकी विचारधारा, मन का संविधान आगे चले।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बीजेपी को घेरा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी के लोग संविधान से नहीं ‘मन विधान’ से चलने वाले लोग हैं। लोकतंत्र में एक तंत्र यह चलाना चाहते हैं। यह देश को तानाशाही की तरफ ले जाना चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नए-नए फैसले लेती है जिससे जनता का ध्यान हटे, बुनियादी सवाल वही है कि किसानों की आय दोगुनी हो और नौजवानों को रोजगार मिले।”
सपा प्रमुख ने कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर पिछड़े, दलित, शोषित, वंचित और जमीन पर रहने वाले गरीबों के भगवान हैं। भगवान की तरह उनका सम्मान किया जाता है, भगवान की तरह पूजते हैं। आज भी गांव में आप जाएंगे तो उनके कैलेंडर होंगे, उनकी तस्वीर होगी, उन्हें लोग पूजते हैं।
भाजपा को पीडीए से नफरत- अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग हैं पिछड़ों से, दलितों से, आधी आबादी से आदिवासियों से अल्पसंख्यकों से खासकर PDA के लोगों से नफरत करते हैं। PDA के लोग बाबा साहेब अंबेडकर को भगवान मानते हैं। मैं विधायकों को धन्यवाद देता हूं बाबा साहेब के सम्मान में वह इस तरह निकाले।
बीजेपी के लोग संविधान और लोकतंत्र पर विश्वास नहीं करते- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि मैं किसी का नाम क्या लूं वह मानते ही नहीं है, किसी को सम्मान ही नहीं देना चाहते हैं। इसीलिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं। जो सभी लोग, सभी सांसद जो मांग कर रहे हैं उनको सांसदों की मांग को मनाना चाहिए और अगर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है तो उनको माफी मांगनी चाहिए। यह कोई AI नहीं है या टेक्नोलॉजिकल फॉल्ट नहीं है, यह फॉल्ट आपके अंदर रहा जिसकी वजह से आपने बोला है। यह AI नहीं है यह आपका नेचुरल भाव है जो अंदर से निकल आया है। इसीलिए हम लोग कहते थे कि लोकतंत्र खतरे में है, संविधान खतरे में है और वह बात आज सामने आ गई। राज्यसभा में और लोकसभा में बीजेपी के लोग संविधान और लोकतंत्र पर विश्वास नहीं करते हैं।
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