जलवायु और पर्यावरण रेत के बढ़ते दोहन से पारिस्थितिकी तंत्र और विकास को ख़तरा Editor मई 18, 2026 दुनिया भर में निर्माण, बुनियादी ढाँचे और आर्थिक विकास के लिए रेत की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, जबकि इसकी टिकाऊ आपूर्ति सीमित है. इस कारण, पारिस्थितिकी तंत्र, जैवविविधता और आजीविकाओं पर ख़तरा बढ़ रहा है. लेखक के बारे में Editor Administrator बेवसाइट देखना सभी पोस्ट देखें Post Views: 35 पोस्ट नेविगेशन पिछला: ‘पहले डिटेक्ट फिर डिलीट और अब डिपोर्ट का टाइम आ गया, ये सब नहीं चलेगा; आपको भुगतना पड़ेगा’, बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी की दहाड़अगला: ‘पहले डिटेक्ट फिर डिलीट और अब डिपोर्ट का टाइम आ गया, ये सब नहीं चलेगा; आपको भुगतना पड़ेगा’, बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी की दहाड़ संबंधित कहानियां जलवायु और पर्यावरण योरोप में जंगल की आग का क़हर, स्पेन और फ़्रांस में भीषण स्थिति Editor जुलाई 25, 2026 0 जलवायु और पर्यावरण अगली औद्योगिक क्रान्ति की धुरी है ‘स्वच्छ ऊर्जा’: यूएन जलवायु प्रमुख Editor जुलाई 23, 2026 0 जलवायु और पर्यावरण योरोप में भीषण गर्मी का क़हर, अनेक रिकॉर्ड टूटे, रैड ऐलर्ट जारी Editor जुलाई 7, 2026