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महिला ने दावा किया कि उसके पति को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या है और वह यौन संबंध बनाने में असमर्थ है। साथ ही, उसने विवाह को अमान्य करने, क्रूरता करने और 90 लाख रुपए के स्थायी गुजारा भत्ते की मांग की है। जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य और जस्टिस बी.आर. मधुसूदन राव की बेंच ने उनकी अपील खारिज कर दी