एशिया-प्रशान्त के देशों के देशों ने लगभग एक दशक पहले, हर एक ज़िन्दगी की गिनती या रिकॉर्ड में उसकी मौजूदगी सुनिश्चित करने का एक अभियान शुरू किया था, मगर आज भी पूरे क्षेत्र में करोड़ों लोग अदृश्य हैं, यानि उनके जन्म, उनके जीवन और मृत्यु की कोई पहचान या रिकॉर्ड ही नहीं है. इसी वास्तविकता को बदलने के लिए एशिया और प्रशान्त क्षेत्र की सरकारों ने अब, 2030 तक हर जन्म का पंजीकरण और हर मृत्यु का रिकॉर्ड सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है.